बिटकॉइन क्या है, और कैसे बिटकॉइन की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है?

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बिटकॉइन (Bitcoin) एक क्रिप्टोग्राफी मुद्रा है, इस मुद्रा को एक अज्ञात कम्प्यूटर प्रोग्रामर या प्रोग्रामरों के समूह जिसने अपना नाम सातोशी नाकामोटो बताया था, ने 31 ऑक्टूबर, 2008 को खोजा था। 2009 में बिटकॉइन को मुक्त स्रोत सॉफ्टवेयर (Open-Source Software) के रूप में जारी किया गया। बिटकॉइन एक नई तरह की मुद्रा है जो बिना किसी बिचौलिए के उपभोगता द्वारा इस्तेमाल की जा सकती है। बिटकॉइन के सारे भुगतान नेटवर्क नोड के जरिये सत्यापित किये जाते हैं, जिनको सार्वजनिक वितरित खाता बही में रिकॉर्ड किया जाता है जिसको ब्लॉक-चेन कहते हैं। बिटकॉइन को ब्लॉक-चेन खाते की इकाई के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। जैसे की बिटकॉइन मुद्रा पर किसी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं का नियंत्रण नहीं है, जिसकी वजह से अमेरिकी कोष विभाग ने इसे विकेन्द्रीकृत आभासी मुद्रा संज्ञाक्रित किया है।

बिटकॉइन खनन

जिस तरह से सोने की खदानों से खनन कर के सोना निकाला जाता है, उसी तरह से बिटकॉइन को भी डिजिटल खनन कर के प्रात किया जा सकता है, कंप्यूटर पर गणित के बहुत सारे जटिल से जटिल समस्याओं और कार्यों को पड़ाव दर पड़ाव सुलझा कर बिटकॉइन प्राप्त किये जाते हैं, इस प्रकिया को बिटकॉइन खनन कहा जाता है। खनन कर्ता जो सफलता पूर्वक नया ब्लॉक खोजता है उसे इनाम में नए बनाये गए बिटकॉइन भुगतान की राशि दी जाती है। 9 जुलाई 2016 तक 12.5 नए बिटकॉइन प्रति ब्लॉक के हिसाब से ब्लॉक-चेन में शामिल किये गए। बिटकॉइन प्रोटोकॉल को कुछ इस तरह से प्रोग्राम किया गया है की हर 210,000 ब्लॉक खोजने (तक़रीबन हर 4 साल में) के बाद इनाम को आधा किया जाता है, इसी तरह 2140 तक इनाम गिरकर जीरो हो जायेगा और कुल 21 लाख बिटकॉइन खोजे जा चुके होंगे। उसके बाद ब्लॉक-चेन के सारे भुगतान कर के ही होंगे। और अधिक जानकारी के लिए बिटकॉइन को विकिपीडिया या बिटकॉइन की आधिकारिक वेबसाइट में भी देखा जा सकता है।

बिटकॉइन से आदान – प्रदान

बिटकॉइन को ऑनलाइन ख़रीदा जा सकता है, अब अनेक भारतीय कंपनियां भी एक्सचेंज सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। बिटकॉइन की बढ़ती लोकप्रियता के कारण अन्य मुद्रओं के मुकाबले इसका मूल्य बढ़ रहा है, अभी हाल ही में एक बिटकॉइन 77000/- रूपये का हो गया था, जो अब थोड़ा कम हो गया है, जिस तरह से बिटकॉइन का उपयोग बढ़ रहा है, ये जानकारों ने आशंका व्यक्त की है कि बिटकॉइन का मूल्य बढ़ता ही जायेगा। ज्यादातर लोग निवेश के तौर पर बिटकॉइन को खरीद रहे हैं। बिटकॉइन को ऑनलाइन ही खरीदा और बेचा जा सकता है, खरीद और बेचने का शुल्क काफ़ी कम है, जिसको सुविधा प्रदान करने वाली वेबसाइट से जांचा जा सकता है।

फरबरी 2015 तक 1 लाख से अधिक व्यपारियों ने अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए बिटकॉइन भुगतान को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। जहाँ क्रेडिट और डेबिट कार्ड में 2% से 3% तक शुल्क काटा जाता है वहीँ व्यापारी बिटकॉइन भुगतान के लिए 0% से 2% से कम शुल्क लेते हैं। फिर भी खुदरा व्यापार में अभी बिटकॉइन का इतना इस्तेमाल नहीं हो रहा है।

जिस तरह प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया को बढ़ाने की बात करते हैं उस से लगता है की बिटकॉइन जो की एक डिजिटल मुद्रा है और देशों की तरह भारत में भी काफ़ी लोकप्रिय होगी, और बिटकॉइन मुद्रा से खरीददारी करेगें।

और अधिक जानकारी के लिए बिटकॉइन को विकिपीडिया या बिटकॉइन की आधिकारिक वेबसाइट में भी देखा जा सकता है।

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