जीएसटी बिल एक नज़र में

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GST bill

एक देश, एक टैक्स का सपना अब हकीकत बनने जा रहा है। एक दशक से अटके पड़े देश के सबसे बड़े टैक्स सुधार से जुड़े जीएसटी बिल को राज्यसभा में बिना किसी विरोध के पास कर दिया गया है । जीएसटी के प्रावधानों के मुताबिक, वस्तुओं की खरीदारी पर कारोबारी या उद्यमी जो कर देंगे, उसकी वापसी तभी संभव हो सकेगी जब वे खरीदारी के कागजातों को संभाल कर रखेंगे या उन्हें मेनटेन करेंगे।

यह विधेयक लोकसभा में पहले पारित हो चुका है, लेकिन चूंकि सरकार की ओर से इसमें संशोधन लाए गए हैं, इसलिए अब संशोधित विधेयक को लोकसभा की मंजूरी के लिए फिर भेजा जाएगा. जीएसटी को अमल में लाए जाने के लिए इसे अब किन चरणों से गुजरना होगा, आइए जानते हैं-

1. सबसे पहले लोकसभा में संशोधनों को मंजूरी दी जाएगी
2. 29 में से 15 राज्यों के विधानसभाओं को जीएसटी संशोधनों को मंजूरी देनी होगी
3. केंद्रीय जीएसटी, राज्य जीएसटी, अंतर-राज्यीय जीएसटी पारित
4. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन जाएगा
5. वित्त मंत्री ने कहा- आयकर की रीढ़ अब एडवांस स्टेज में
6. जीएसटी के सॉफ्टवेयर का टेस्ट इस साल अक्टूबर में शुरू हो जाएगा
7. फरवरी में जीएसटी का पोर्टल लॉन्च होगा
8. जीएसटी को लागू करने की समयसीमा 1 अप्रैल, 2017

जीएसटी बिल से जुडी कुछ खास बातें:

1. हमलोग अभी सामान खरीदते वक्त उस पर 30-35% टैक्स के रूप में चुकाते हैं. जीएसटी लागू होने के बाद अप्रैल 2017 ये टैक्स घटकर लगभग 18% रहने की उम्मीद है।

2. जीएसटी लागू होने पर सबसे ज्यादा फायदा आम आदमी को है. क्योंकि तब सारी चीजें पूरे देश में एक ही रेट पर मिलेंगी, चाहे किसी भी राज्य से खरीदें।

3. जीएसटी के लागू होते ही केंद्र को मिलने वाली एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स सब खत्म हो जाएंगे. राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लक्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स, चुंगी वगैरह भी खत्म हो जाएगी. अलग-अलग टैक्सों को खत्म कर उनकी जगह एक ही टैक्स सिस्टम लागू करेगा !! (हालांकि पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, रसोई गैस पर अलग-अलग राज्य में जो टैक्स लगते हैं, वो अभी कुछ साल तक जारी रहेंगे.)

4. जीएसटी लागू होने पर कंपनियों का झंझट और खर्च भी कम होगा. व्यापारियों को सामान एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी. अलग-अलग टैक्स नहीं चुकाना पड़ेगा और इससे सामान सस्ता होने की उम्मीद भी है।

5. राज्यों को डर ये था कि उनकी कमाई कम हो जाएगी. खासकर पेट्रोल डीजल से तो कई राज्यों का आधा बजट चलता है. तो वो राहत केंद्र ने राज्यों को दे दी उनपर अभी जो टैक्स राज्य ले रहे हैं, वो शुरुआती बरसों में लेते रहें. और राज्यों का जो नुकसान होगा उसकी भरपाई पांच साल तक केंद्र सरकार करेगी।

6. जीएसटी से जो टैक्स मिलेगा, वो केंद्र और राज्य में एक तय हिसाब से बंटेगा।

7. जीएसटी के लागू होने के बाद टैक्स चोरी रुक जायेगी. इसका सीधा असर देश की जीडीपी( सकल घरेलू उत्पाद) पर पड़ेगा ! भारत की जीडीपी 2% तक बढ जायेगी !!

8. जीएसटी बिल को संसद से पारित कराने के बाद देश के 29 राज्यों में से आधे से अधिक राज्यों की विधानसभाओं में भी मंजूरी लेनी होगी।

9. जीएसटी की वसूली ऑनलाइन होगी। वस्तु के मैनुफैक्चरिंग के स्तर पर ही इसे वसूल लिया जाएगा। किसी वस्तु का टैक्स जमा होते ही जीएसटी के सभी सेंटरों पर इस बात की जानकारी पहुंच जाएगी। उसके बाद उस वस्तु पर आपूर्तिकर्ता, दुकानदार या ग्राहक को आगे कोई टैक्स नहीं देना होगा। अगर माल एक राज्य से दूसरे राज्य जा रहा है तो उसपर चुंगी भी नहीं लगेगा। यानी बॉर्डर पर ट्रकों की जो लंबी कतारें अभी दिखती हैं वे गायब हो जाएंगी।

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